हरिद्वार। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रैली स्थल पर किए गए कथित “शुद्धिकरण” के विरोध में जिला महानगर कांग्रेस कमेटी हरिद्वार ने शुक्रवार को ज्वालापुर के अंबेडकर चौक से रविदास चौक तक विशाल विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटना को सामाजिक समानता, दलित सम्मान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों पर चोट बताते हुए भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
मार्च का नेतृत्व जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग ने किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद “शुद्धिकरण” जैसी कार्रवाई यदि जातिगत पहचान के अपमान की मानसिकता से की जाती है तो यह केवल एक नेता का नहीं, बल्कि करोड़ों दलितों, वंचितों और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले लोगों के स्वाभिमान का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रैली के बाद मैदान को “शुद्ध” करने की जरूरत क्यों महसूस हुई और वहां ऐसा क्या “अशुद्ध” हो गया था?
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुरली मनोहर और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संजय पालीवाल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता हैं और उनके कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण को सामान्य राजनीतिक विरोध कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संतोष चौहान और एससी-एसटी जिला अध्यक्ष तीर्थ पाल रवि ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या किसी दलित नेता के मंच पर आने से मंच “अशुद्ध” हो जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी सोच मौजूद है तो शुद्धिकरण मंच का नहीं, जातिवादी मानसिकता का होना चाहिए।
वरिष्ठ नेता वरुण बालियान और महेश प्रताप राणा ने कहा कि बाबा साहेब के संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार दिया है और कांग्रेस सामाजिक स्वाभिमान पर चोट बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रदीप चौधरी और प्रदेश कांग्रेस महासचिव अनिल भास्कर ने भाजपा की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाबा साहेब की तस्वीर पर माल्यार्पण करने से अधिक जरूरी उनके समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारना है।
पूर्व सभासद अशोक शर्मा और प्रदेश कांग्रेस महासचिव मकबूल कुरेशी ने कहा कि सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना हर लोकतांत्रिक नागरिक का दायित्व है।
पार्षद प्रतिनिधि पुनीत कुमार और पार्षद सुनील कुमार सिंह ने कहा कि राजनीतिक लड़ाई विचारों, नीतियों और जनता के मुद्दों पर होनी चाहिए। वहीं पार्षद प्रतिनिधि शहाबुद्दीन अंसारी और पार्षद प्रतिनिधि अकरम अंसारी ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के मुद्दों पर मुकाबला किया जाए, लेकिन जातिगत पहचान के आधार पर अपमान की राजनीति स्वीकार नहीं होगी।
प्रदेश कांग्रेस सचिव रविश भटीजा और एससी-एसटी कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद चंचल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान प्रेम, भाईचारे और समानता से है तथा जातिगत भेदभाव की सोच को यहां जगह नहीं दी जाएगी।
पार्षद प्रतिनिधि ऋषभ वशिष्ठ और संजय सैनी ने कहा कि अंबेडकर चौक से रविदास चौक तक निकला यह मार्च केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और स्वाभिमान का संदेश है।
ये कांग्रेसजन रहे मौजूद
विरोध मार्च में चौधरी बलजीत सिंह, ममता सिंह, रणधीर सिंह, दिनेश दुबे, मनोज जाटव, पूरन सिंह सुखलाल, नरेंद्र सेठ, राजेश छाछर, अशोक कुमार डिगान, सीपी सिंह, प्रकाश चंद, नरेंद्र शेट्टी, शादाब खान, अज्जू खान, सतेंद्र वर्मा और अरूण चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
