विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश में वर्तमान व पूर्व विधायकों/मंत्रियों व उनके परिजनों को आजीवन चिकित्सा सुविधा(चिकित्सा प्रतिपूर्ति) की सुविधा उपलब्ध है यानी एक विधायक व उसके परिवार के सदस्यों की बीमारी पर चाहे लाखों रुपए खर्च हो जायें, उसका खर्चा सरकार वहन करेगी, लेकिन आमजन (नेताओं के भाग्य विधाता)के लिए सिर्फ पांच लाख रुपए आयुष्मान के तहत सुविधा है, जोकि गंभीर बीमारी में सिर्फ नाम मात्र का रह जाता है। नेगी ने दुर्भाग्य जताते हुए कहा कि जिस जनता ने इन विधायकों को चुना, ये सिर्फ और सिर्फ अपने ही बारे में सोचते हैं; लेकिन जनता के बारे में सोचने कि इनको फुर्सत नहीं। सरकार द्वारा आमजन यानी उसके पूरे परिवार के लिए 5 लख रुपए का बीमा कवर आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने की सुविधा है, लेकिन कैंसर, किडनी- हार्ट ट्रांसप्लांट व अन्य गंभीर बीमारियों में ये आयुष्मान कार्ड सिर्फ और सिर्फ एक कागज का टुकड़ा रह जाता है। इस संबंध में आज तक किसी विधायक या मंत्री ने आवाज नहीं उठाई। इन मंत्री, विधायकों के भाग्य विधाता (आमजन) इन गंभीर बीमारियों में धनाभाव के चलते दम तोड़ देते हैं तथा कई के घर तक बिक जाते हैं, कर्ज में डूब जाते हैं तथा आत्महत्या कर लेते हैं, ऐसे में इनके बारे में कौन चिंता करेगा? नेगी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार इन मंत्री, विधायकों पर चाहे प्रदेश का पूरा खजाना लुटा दे, लेकिन कम से कम गंभीर बीमारियों में आमजन को आयुष्मान का बीमा कवर 5 लाख से बढ़कर 15-20 लाख करे; जिससे आमजन को राहत मिल सके। मोर्चा शीघ्र ही इस मामले को सरकार के समक्ष रखेगा। पत्रकार वार्ता में पछवादून अध्यक्ष अमित जैन व ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा मौजूद थे।
