विकासनगर : जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश भर की औद्योगिक इकाइयों (फैक्ट्रियों) में कार्यरत श्रमिकों का जीवन बसर कैसे हो रहा है, इनको इंसाफ मिल रहा है या नहीं, इस बारे में न तो प्रदेश भर के विधायकों को कोई चिंता है और न ही विभाग को। नेगी ने कहा कि अधिकांश फैक्ट्रियों में श्रमिकों से 12- 12 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन उनको ओवर टाइम व अन्य सुविधाएं नहीं दी जाती, जिस पर कार्यवाही किए जाने की जरूरत है। अधिकांश औद्योगिक इकाइयां श्रमिकों को ईएसआई व अन्य सुविधाएं प्रदान करने में आनाकानी व मनमानी करती हैं तथा इसी प्रकार ठेका प्रथा के माध्यम से काम करने वाले श्रमिकों के साथ कोई अनहोनी हो जाए, कोई पूछने वाला नहीं है। संबंधित विभाग के अधिकारी हर महीने अपना जजिया कर (माहवारी) वसूलकर अपने दायित्व की इतिश्री कर लेते हैं। नेगी ने कहा कि आज अधिकतर मामलों में चाहे श्रमिकों का मामला हो या कार्मिकों का हो या फिर उपनल, पीआरडी, होमगार्ड व आंगनबाड़ी कर्मियों, बेरोजगारों कहा हो,सबको अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ रही है;तो ऐसे में प्रश्न उठता है कि जब सबको अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी है तो इन विधायकों को क्या सिर्फ कमीशन खोरी, विधायक निधि में खेल, ठेकेदारी व या रेत-बजरी या शराब बेचने के लिए जनता ने चुना है।जनता को ऐसे विधायकों को सबक सिखाने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि कड़ाई से श्रमिक हितों का उल्लंघन करने वाले फैक्ट्री मालिकों एवं गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। पत्रकार वार्ता में हाजी असद व प्रवीण शर्मा पिन्नी मौजूद थे।
