पुलिस लाइन में भव्य परेड का आयोजन, जवानों की कदमताल और राइफल ड्रिल ने जीता दिल, बैंड की मधुर धुनों के साथ मंच से गुजरे जवान, ड्रिल में दिखाया अपना कौशल, मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने ली परेड की सलामी, बेहतरीन मार्च पास्ट के मुरीद हुए मुख्य अतिथि, ₹1 लाख की सम्मान राशि से नवाजा, गणतंत्र दिवस परेड में शामिल भव्य झांकियां बनी आकर्षण का केन्द्र, बच्चों की प्रस्तुति ने भरी देशभक्ति की हुंकार, पुलिस लाइन में उमड़ा जनसैलाब
हरिद्वार 26 जनवरी। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज पुलिस लाइन रोशनाबाद हरिद्वार स्थित परेड़ ग्राउंड में शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा पुष्पगुच्छ देकर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, सांस्कृतिक व सिंचाई मंत्री (प्रभारी मंत्री जनपद हरिद्वार) सतपाल महाराज का स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने एवं राष्ट्रीय गान के पश्चात परेड़ कमांडर CO अभिनव चौधरी द्वारा सलामी दी गई व मुख्य अतिथि द्वारा सम्पूर्ण परेड का निरीक्षण करते हुए जवानों का होसला बढाया गया।
निरीक्षण के पश्चात सेरेमोनियल ड्रेस से सुसज्जित नागरिक पुलिस, सशस्त्र पुलिस, पीएसी, यातायात पुलिस, होमगार्ड्स व पीआरडी के जवानों एंव पुलिस की विभिन्न यूनिटों द्वारा टोलीवार मंच के सामने से गुजरते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी गयी तथा सीपीयू, चेतक, इन्टरसेप्टर, एफएसल, डॉग स्क्वायड, संचार शाखा, क्यूआरटी, फायर सर्विस, जल पुलिस, वज्र वाहन, महिला सशक्तिकरण एवं महिला विकास, अक्षय उर्जा विकास प्राधिकरण, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, पर्यटन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं खेल विभाग हरिद्वार की झांकियों द्वारा इस अवसर पर आमजन को जागरुक करते हुए झाँकियों निकाली गई।
मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री द्वारा परेड को संबोधित करते हुए बेहतरीन मार्च पास्ट करने पर परेड को ₹1 लाख की सम्मान राशि से नवाजा गया ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने सभी को (77) सतत्तरवें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करने का दिन है। आज ही के दिन संविधान को लागू किया गया था। यह दिन सभी भारतवासियों को स्वतंत्रता, समानता, और भाईचारे के संवैधानिक मूल्यों की याद दिलाता है। भारतीय गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय गौरव, एकता और उत्सव का दिन है। हमारा यह विशिष्ट संविधान हमारे राष्ट्र का निरंतर मार्ग दर्शन करता आ रहा है। यह अवसर हमें अपने सपनों को साकार करने और लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध होने का संकल्प लेने की भी प्रेरणा देता है। संविधान के अंतर्गत हम सभी की यह भी जिम्मेदारी है कि हम न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।
इस बार गणतंत्र दिवस का जश्न पिछले वर्षों से काफी अलग और खास है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह की थीम “वंदेमातम” पर रखी गई है। इस बार देशभर में हो रहे गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित है। इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह हमें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का गौरव प्रदान कर रहा है।
देशवासियों के लिए गर्व का विषय है कि भारत ने लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली रॉकेट लॉन्चर प्रणाली “सूर्यास्त्र” को विकसित करने के साथ-साथ स्वदेशी निर्मित 105 MM लाइट फील्ड गन जिसने कर्तव्य पथ पर 21 तोपों की सलामी दी यह भारत की सैन्य ताकत की बड़ी मिसाल है। भारतीय गणतंत्र को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार राज्य की प्रगति एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा विकास के हर क्षेत्र में निरन्तर कार्य कर रही है।
पर्यटन के क्षेत्र में सरकार ग्रीष्म कालीन पर्यटन के साथ-साथ अब शीतकालीन पर्यटन को भी बढ़ावा देने की दिशा में नए-नए डेस्टिनेशनों का विस्तार कर रही है। शीतकालीन चारधाम यात्रा के अंतर्गत चारधाम से जुड़े पौराणिक शीतकालीन प्रवासों जैसे-जोशीमठ, ऊखीमठ, पांडुकेश्वर आदि को सुव्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है जिससे श्रद्धालुओं को वर्ष भर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सकेंगे। आदि कैलाश यात्रा को सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भारत की धरती लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के दर्शन हो सके इसके लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
आज होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और कई टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमने चारधाम के साथ-साथ राज्य में अनेक पर्यटन सर्किटों का निर्माण किया है। जिनमें वैष्णों सर्किट, शैव सर्किट, दैवी सर्किट, विवेकानन्द सर्किट, नरसिंह सर्किट, नवगृह सर्किट, गोल्जू सर्किट, महासू देवता सर्किट, गुरुद्वारा सर्किट, हनुमान सर्किट आदि शामिल है।
राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार एवं प्रशासन के साथ ही प्रत्येक उत्तराखण्डवासी का योगदान अपेक्षित है। इस महान उद्देश्य की प्राप्ति जनसहयोग से ही सम्भव है। मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि सभी के सहयोग एवं विकल्प रहित संकल्प से हम जल्द ही इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्बारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित झांकी में उरेडा विभाग की झांकी प्रथम स्थान पर रही तथा द्वितीय स्थान पर मत्स्य विभाग व तृतीय स्थान पर खेल विभाग की झांकी रही।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में विभिन्न विभागों में कार्यरत उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्बारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जिसमें 84 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं।
तदोपरांत शुरू हुए रंगारंग कार्यक्रम के दौरान पीएमएस हरिद्वार व अन्य स्थानीय स्कूली बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन किया गया।
देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत गीतों पर नन्हे बच्चों द्वारा किया गया नाट्य मंचन विशेष रुप से मनोहारी रहा। उक्त प्रदर्शन देख जनता के साथ-साथ मुख्य अतिथि व अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा न सिर्फ तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बच्चों का उत्साहवर्धन किया बल्कि मुख्य अतिथि ने शानदार प्रस्तुति कर रहे बच्चों को अपने पास बुला कर मौके पर हौसला अफजाई भी की।
विभिन्न स्कूलों के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पी आर चौहान वित्त एवं राजस्व दीपेन्द्र सिंह नेगी सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन नरेश चौधरी एवं पूनम सिंह ने किया।
प्रेस-विज्ञप्ति
देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर स्वामी रामदेव ने दिलाए पञ्चप्रण
• स्वदेशी शिक्षा, स्वदेशी चिकित्सा, स्वदेशी अर्थव्यवस्था, स्वदेशी सनातन जीवन पद्धति तथा स्वदेशी से स्वावलम्बी विकसित भारत की बात कही
• भारत को विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक, सैन्य और आध्यात्मिक शक्ति बनाने की आवश्यकता, पूरी दुनिया भारत से ले प्रेरणा
• साधु-संतों और शंकराचार्य में कोई झगड़ा न हो, देश में वर्ण-जाति-समुदाय-प्रांत व भाषा के नाम पर कोई उन्माद न हो
• भारत मजबूत होगा तो पूरी दुनिया में हिंदुओं पर कोई अत्याचार करने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा
• एक देश, एक संविधान, एक झंडा, एक संकल्प, एक भारत, श्रेष्ठ भारत होगा, तभी तो स्वस्थ, समृद्ध, संगठित, विकसित भारत बनेगा
• हर व्यक्ति प्रतिदिन गोधन आधारित कम से कम 10 रुपए का प्रोडक्ट प्रयोग करेगा, तभी गौ-माता व नंदी सुरक्षित होंगे
हरिद्वार 26 जनवरी। पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष स्वामी रामदेव व महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने पतंजलि वेलनेस, फेस-2 में ध्वजारोहण कर देशवासियों को देश के 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर स्वामी जी ने स्वदेशी शिक्षा, स्वदेशी चिकित्सा, स्वदेशी अर्थव्यवस्था, स्वदेशी सनातन जीवन पद्धति तथा स्वदेशी से स्वावलम्बी विकसित भारत- पञ्चप्रण लेते हुए राष्ट्रसेवा की बात कही।
स्वामी जी ने कहा कि कहीं टैरिफ टैरेरिज़म चल रहा है, कहीं सत्ता का उन्माद, कहीं सम्पति का उन्माद और कहीं मज़हबी उन्माद, और भारत में तो सनातनधर्मियों में ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके सनातन में भी गौमाता, गंगा व पालकी के नाम पर उन्माद फैलाने की बात की जा रही है। अमेरिका ने कनाडा को 100% टेरिफ की धमकी दी तो कभी भारत पर 25-50%, कभी किसी देश पर तो 500% टैरिफ की धमकी, दुनिया एक बहुत खतरनाक दौर से गुजर रही है। ऐसे में हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत, स्वस्थ, समृद्ध, संगठित भारत बनाना है तो स्वदेशी शिक्षा, स्वदेशी चिकित्सा, स्वदेशी अर्थव्यवस्था, स्वदेशी सनातन जीवन पद्धति और अपनी सनातनी विरासत को सर्वोपरि गौरव और महिमा देते हुए आज गणतंत्र दिवस पर अपने कर्तव्य पथ पर प्रतिबद्धता के साथ इस रूप के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है कि हम भारत को दुनिया के सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सबसे बड़ी राजनीतिक सामाजिक और आध्यात्मिक शक्ति के रूप में विकसित कर पाएं और पूरी दुनिया भारत से प्रेरणा ले पाए। उन्होंने स्वदेशी से स्वावलम्बी विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की बात कही।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि सब स्वदेशी का व्रत लें और मैकाले की शिक्षा का बहिष्कार करें, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का बहिष्कार करें। उन्होंने कहा कि सारी बुराइयों का और सब प्रकार के आपसी लड़ाई-झगड़ों का बहिष्कार करके हमें भारत की एकता, अखण्डता और संप्रभुता को सर्वोपरि रख करके डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि मैं वह दिन देखना चाहता हूं कि हमारा 1 रुपया 100 डॉलर के बराबर हो और वह तभी सम्भव है जब हम 140 करोड़ भारतीय अखंड-प्रचंड पुरुषार्थ के साथ प्रयास करें। हम सभी चाहते हैं कि हमारी वैल्यू हो, हमारे पासपोर्ट की वैल्यू हो हमारे सिटीजन की वैल्यू हो लेकिन अभी स्थिति यह है कि दुनिया के 10-15 देश को छोड़कर के दुनिया का कोई बड़ा देश हमको हमारे पासपोर्ट पर बिना वीजा के अपने यहां आने तक की अनुमति नहीं देता है। हमें अपने हालात बहुत निम्नतम स्तर पर ले आए हैं। हम आज यदि हमने अपने देश को शक्तिशाली नहीं बनाया तो अमेरिका, चीन से लेकर के हमारा मित्र देश रशिया भी हमसे मुंह फेर लेंगे।
स्वामी जी ने कहा कि आज पाकिस्तान, बांग्लादेश और दुनिया के बहुत सारे देशों में बहुत विरोधी ताकतें सिर उठा रही हैं। हमें इस गणतंत्र दिवस पर स्वधर्म का संकल्प लेना है तो जो पूरे भारत को अपने दुश्मन देशों, भारत विरोधी, सनातन विरोधी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए एक परिवार की तरह एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि साधु-संतों और शंकराचार्य में कोई झगड़ा न हो, न ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शुद्र के नाम पर काई उन्माद हो, न कोई जाति वर्ग के समुदाय के नाम पर उन्माद हो, न प्रांत के नाम पर किसी प्रकार का कोई प्रांतवाद का उन्माद हो, न भाषावाद का उन्माद हो, न कोई सांप्रदायिक विवाद हो। हम सब एक ऋषियों की, एक पूर्वजों की, एक वीर-वीरांगनाओं की संतान हैं, एक धरती माता, भारत माता की संतान हैं, इस संकल्प के साथ हम आगे बढ़ेंगे तो भारत पूरी दुनिया का मुकाबला कर पाएगा और हर मोर्चे पर दुनिया में जीत पाएगा।
योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने कहा कि भारत मजबूत होगा तो पूरी दुनिया में हिंदुओं पर कोई अत्याचार करने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा। आज इजराइल मजबूत है तो पूरी दुनिया में यहूदियों पर कोई टेढ़ी नजर नहीं कर सकता। बुरी नज़र से नहीं देख सकता, क्योंकि उसके पीछे बहुत बड़ी बैक है। यदि हम अपने देश को मजबूत नहीं बनायेंगे तो कहीं न कहीं से संकट हम पर मंडराते ही रहेंगे और हिंदू जहां रहेंगे, पिटते ही रहेंगे। इसलिए यदि हिंदुस्तान से पूरी दुनिया में हिंदू, हिंदुत्व और सनातन को सुरक्षित करना है, तो वीर भोग्या वसुंधरा बनना ही पड़ेगा।
यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर स्वामी जी ने कहा कि एक देश, एक संविधान, एक झंडा, एक संकल्प, एक भारत, श्रेष्ठ भारत हो, तभी तो स्वस्थ, समृद्ध, संगठित, विकसित भारत बनेगा। इसीलिए सारे देश में तक विस्तार होना ही चाहिए, चाहे वह कानून के स्तर पर हो या विचार के स्तर पर।
स्वामी रामदेव जी ने कहा कि गौ-माता राष्ट्र माता नहीं बल्कि विश्व माता घोषित होनी चाहिए, लेकिन वह होगी कैसे? माना कि कानून भी बन गया, गौ-माता राष्ट्र माता घोषित हो गई, लेकिन गौ माता और नंदी कैसे बचेंगे? गौ-आधारित कृषि, भारत ऋषि और कृषि प्रधान देश कैसे होगा? जब तक सुबह उठकर के जब तक हम गोधन अर्क का सेवन नहीं करेंगे, गौ-घृत का सेवन नहीं करेंगे, घरों में स्वच्छता के लिए गोनाइल का प्रयोग नहीं करेंगे, जब तक गौ-आधारित कृषि नहीं होगी, जब तक गोचर भूमि सुरक्षित नहीं होगी, अपराधियों के कब्जे से गोचर भूमि नहीं छूटेगी, तब तक गौ-माता सुरक्षित कैसे हो सकती है? जब हर व्यक्ति कम से कम 10 रुपए का भी प्रोडक्ट रोज प्रयोग करना शुरू कर दे तो हर दिन कम से कम 10,00 से 10,000 करोड़ रुपए हिंदू गौ माता के लिए सहयोग कर पाएंगे, तभी गौ माता बचेगी। इसके साथ-साथ हर एक हिंदू एक-एक गाय पाले। पतंजलि एक लाख गौ माता की सेवा कर रहा है, ऐसे ही एक-एक धर्माचार्य और जितने भी हमारे साधु संत महात्मा हैं, कम से कम 1 हजार से लेकर, 10 हजार व 1 लाख गाये स्वयं पालें और हिंदुओं से पलवाने के लिए हर एक दिन बाहर निकलें। हमें अपने मठ-मंदिरों से बाहर निकलना होगा, सुबह तीन-चार बजे से रात के 10 बजे तक पुरुषार्थ करना पड़ेगा, खाली बयानबाजी से बात नहीं बनेगी। हमारी संस्कृति तो पुरुषार्थ चतुष्टय के धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की सिद्धि व पुरुषार्थ से समृद्ध होगी, खाली लफ्फाजी से नहीं होगी।
कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमको बहुत कुछ सिखाता है। जीवन में जब-जब कमजोरियाँ आएं तो उन वीर, शहीद, क्रान्तिकारियों, महापुरुषाें को याद करना जिनकी बदौलत आज हम देश का यह 77वाँ गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे उद्देश्यों के लिए जीना मनुष्य जीवन का लक्ष्य नहीं, मनुष्य जीवन का मकसद नहीं, बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उन वीर-शहीदों के बताए मार्ग पर चलकर देश में नया सवेरा लाने का संकल्प करें, जिससे यह देश विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठापित हो सके।
