हरिद्वार, 27 नवम्बर। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सेवा के दौरान शहीद हुए अग्निवीर दीपक सिंह का पार्थिव शरीर 24 नवंबर को जब उनके पैतृक गांव पाटी (जनपद चंपावत) पहुंचा, तो पूरा क्षेत्र शोक और सम्मान में डूब गया। हजारों ग्रामीण, परिजन और स्थानीय जनप्रतिनिधि अंतिम दर्शनों के लिए उपस्थित थे।
इस दौरान एक विवाद उस समय जन्म ले गया, जब लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के विधायक खुशहाल अधिकारी द्वारा श्रद्धांजलि स्थल पर मौजूद उत्तराखंड पुलिस के सब-इंस्पेक्टर विपुल जोशी से अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा। ग्रामीणों के अनुसार विधायक ने सब इंस्पेक्टर से कहा, “तूने मुझे नमस्कार क्यों नहीं किया, तुम मुझे नहीं जानते हो क्या?”
इस टिप्पणी से वहां मौजूद लोगों में असहजता और नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों और अन्य अधिकारियों ने विधायक को अवगत कराया कि शहीद को अंतिम सलामी देने के दौरान ऐसी औपचारिकताएं नहीं की जातीं और सभी का ध्यान केवल श्रद्धांजलि पर होना चाहिए।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार के एडवोकेट अरुण भदौरिया ने विधायक खुशहाल अधिकारी को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि विधायक पांच दिन के भीतर शहीद दीपक सिंह के परिवार से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें, अन्यथा हरिद्वार में उनके विरुद्ध फौजदारी वाद दर्ज कराया जाएगा।
भदौरिया ने नोटिस की प्रति एसपी चंपावत को भी भेजी है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर पूरा क्षेत्र वर्दी और शहादत को सम्मान दे रहा था, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि का ऐसा व्यवहार अत्यंत दुखद और अनुचित है।
