हरिद्वार। हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर धर्मनगरी में साधु-संतों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में अलख अखाड़े ने कुंभ मेले से पूर्व अपने 108 महामंडलेश्वरों की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत धार्मिक विधि-विधान और संतों की उपस्थिति में 4 नए महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक (चादर विधि) संपन्न कराया।अखाड़े की महामंडलेश्वर हर्षिता गिरी ने बताया कि सनातन परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए यह ताजपोशी की जा रही है। उन्होंने कहा, अब तक अखाड़े में कुल 41 महामंडलेश्वर नियुक्त किए जा चुके हैं, जबकि हरिद्वार कुंभ से पहले 108 नए महामंडलेश्वर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बाकी संतों का चयन भी योग्यता और वरिष्ठ संतों की मंडल के निर्णय अनुसार जल्द पूरा किया जाएगा। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के भैरव शक्ति मार्ग से आए संत दीपेंद्र नाथ की भी चादर विधि संपन्न कर उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि से नवाजा गया। नवनियुक्त महामंडलेश्वर दीपेंद्र नाथ ने कहा कि वे अखाड़े के मार्गदर्शन में ‘लव जिहाद’, ‘गौ रक्षा’ और सनातन धर्म के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करेंगे। साथ ही 2027 के हरिद्वार कुंभ में अखाड़े के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी पूर्ण सहभागिता निभाएंगे।
