2004 से हर साल ला रहे गंगाजल, बोले- जेजेपी की सरकार बनने तक नहीं पहनूंगा जूते
हरिद्वार। हरियाणा के पानीपत निवासी सतवीर मलिक अपनी अनोखी कांवड़ को लेकर चर्चा में हैं। हरे रंग की कांवड़ पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और जननायक ताऊ देवीलाल की तस्वीर और पैरों में जूते-चप्पल नहीं—सतपाल की यह यात्रा राहगीरों और कांवड़ियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
सतवीर मलिक वर्ष 2004 से लगातार हरिद्वार से कांवड़ लेकर अपने गांव पेचाखेड़ा जा रहे हैं। हर साल वह गंगाजल लेकर गांव पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस बार भी उनकी परंपरा जारी है, लेकिन कांवड़ और उनके संकल्प ने यात्रा को खास बना दिया है।
सतवीर का कहना है कि वह ताऊ देवीलाल के प्रति अपनी निष्ठा और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के समर्थन में संकल्प लेकर नंगे पांव यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक हरियाणा में जेजेपी की सरकार नहीं बनती, तब तक वह जूते नहीं पहनेंगे।
हरिद्वार से पानीपत तक नंगे पांव चलना आसान नहीं है। रास्ते में गर्म सड़क, पत्थर और पैरों में होने वाली तकलीफ के बावजूद सतपाल अपने संकल्प पर कायम हैं। उनका कहना है कि रास्ते की परेशानी उनके लिए संकल्प से बड़ी नहीं है।
आमतौर पर कांवड़ में भगवान शिव, धार्मिक प्रतीकों और विभिन्न देवी-देवताओं की तस्वीरें देखने को मिलती हैं, लेकिन सतपाल की हरे रंग की कांवड़ पर ताऊ देवीलाल की तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है। कांवड़ मार्ग पर कई लोग रुककर इस अनोखी कांवड़ के बारे में जानकारी लेते दिखाई दे रहे हैं।
सतवीर के लिए यह यात्रा केवल गंगाजल लाने की परंपरा नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था, राजनीतिक निष्ठा और व्यक्तिगत संकल्प का संगम भी है। उनका कहना है कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर नंगे पांव अपने गांव पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करने के बाद ही अपनी कांवड़ यात्रा पूरी मानेंगे।
