हरिद्वार, 08 सितंबर 2026। कुंभ मेला-2027 को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार में तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। चार जिलों में फैले 32 सेक्टरों वाले मेला क्षेत्र में अवस्थापना विकास के 126 कार्यों के लिए करीब 709.23 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। वर्षाकाल समाप्त होते ही निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी मेला प्रशासन ने पूरी कर ली है। मेला नियंत्रण भवन के सीसीआर सभागार में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी प्रमुख कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और इन्हें तय समय पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल निर्माण पूरा करना नहीं, बल्कि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुविधा, सुरक्षा, सुगमता और सुव्यवस्था सुनिश्चित करना है। कुंभ की तैयारियों में सड़क, पुल, घाट, पार्किंग, पेयजल, विद्युत, चिकित्सा, स्वच्छता, सैनिटेशन और यातायात व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पैदल यात्रियों के अनुकूल फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं। पांच बड़े पुलों समेत कई महत्वपूर्ण अवस्थापना कार्य भी प्रगति पर हैं।मेला क्षेत्र के सभी 32 सेक्टरों में ड्रेसिंग और लेवलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके बाद अस्थायी सड़क, बिजली, पेयजल, प्रकाश, पार्किंग और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं को तेजी से विकसित किया जाएगा। हरिद्वार के आध्यात्मिक स्वरूप को निखारने के लिए प्रमुख मार्गों, चौराहों, पुलों और घाटों के सौंदर्यीकरण पर भी काम हो रहा है। वहीं, ‘ग्रीन कुंभ’ की अवधारणा के तहत पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और अपशिष्ट प्रबंधन को भी तैयारियों में शामिल किया गया है। सोनिका ने बताया कि कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर बहुस्तरीय निगरानी रहेगी। मेला प्रशासन के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों को भी निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। इस मौके पर अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे।
