हरिद्वार। रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को हरिद्वार जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की तीन टीमों ने मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट, डेयरी और मार्टों पर ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों समेत कुल 15 खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन की टीम ने डेसो चौक, सिडकुल और शिवालिक नगर में कार्रवाई करते हुए बंगाली रसगुल्ला, सादा घेवर, मलाई घेवर, गुलाब जामुन और सफेद रसगुल्ले के छह नमूने लिए। वहीं, लाइसेंस की शर्तों के विपरीत मिठाई निर्माण व बिक्री, खाद्य पदार्थों को जमीन पर रखने और असंतोषजनक साफ-सफाई मिलने पर तीन मिठाई कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए। रुड़की में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडेय की टीम ने मिठाइयों के दो और पनीर का एक नमूना लिया। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने और सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर तीन कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए। इधर कनखल, जगजीतपुर और रानीपुर मोड़ में भी विभाग ने सख्ती दिखाई। पनीर, खुले दूध, मावा और खाद्य तेल के नमूने लिए गए। जगजीतपुर की एक मिठाई दुकान बिना खाद्य लाइसेंस के चलती मिली। अस्वास्थ्यकर तरीके से मिठाई और चटनी रखने पर 10 किलो खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट कराई गई और न्यायालय में वाद दायर करने की संस्तुति की गई। जगजीतपुर के एक मार्ट पर बिना लाइसेंस संचालन और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ बेचने के आरोप में चालानी कार्रवाई की संस्तुति की गई। रानीपुर मोड़ की मिठाई दुकान से काजू कतली और मलाई बर्फी के नमूने भी लिए गए।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से त्योहारी सीजन में मिठाई और खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
