हरिद्वार ग्रामीण में मतदाता सूची को लेकर घमासान, विधायक ने 7 से 9 अगस्त के बीच सैकड़ों नाम हटाने के प्रयास का लगाया आरोप
भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा – आपत्ति दर्ज कराने की है तय प्रक्रिया
हरिद्वार, 11 अगस्त। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची में आपत्ति दर्ज कराना निर्वाचन प्रक्रिया के तहत दिया गया अधिकार है और इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
प्रेस क्लब सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं काटने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बीएलओ से मिली जानकारी के अनुसार ऐसे लोगों के खिलाफ भी फॉर्म-7 लगाए गए हैं, जो अपने गांवों में ही रह रहे हैं और पूर्व में कई बार मतदान कर चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में जीवित मतदाताओं को मृत बताकर नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
विधायक ने दावा किया कि 7 अगस्त को 126, 8 अगस्त को 426 और 9 अगस्त को 331 मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने 6 अगस्त का एक मामला भी सामने रखते हुए सवाल उठाया कि जब संबंधित मतदाता अपने गांव में ही रह रहा है और कई बार मतदान कर चुका है तो उसका नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 किस आधार पर लगाया गया।
अनुपमा रावत ने फॉर्म-7 के बार-बार इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम पांच बार फॉर्म-7 के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है, लेकिन क्षेत्र में ऐसे मामले मिले हैं जहां इससे अधिक बार फॉर्म-7 लगाए गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 7 अगस्त को जोगेंद्र सिंह ने 11 और गुरुदयाल सिंह ने सात फॉर्म-7 लगाए। विधायक ने पूरे मामले की जांच कराने और फॉर्म-10 को सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया जाना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित करता है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि वैध मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
भाजपा ने कहा – प्रक्रिया पर सवाल नहीं, आरोपों से भ्रम फैला रही कांग्रेस
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कांग्रेस विधायक और नेताओं द्वारा एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आपत्ति दाखिल करना निर्वाचन द्वारा दिया गया अधिकार है और निर्धारित आधार पर ही आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। आशुतोष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा और अन्य लोगों के व्यक्तिगत नाम लेकर आरोप लगाए जाने से स्पष्ट है कि उन्हें विधिक प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय जनता के बीच जाकर जनहित के कार्य करने की नसीहत दी। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस पर अपने पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल की असफलताओं को बयानबाजी के जरिए छिपाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, उन्हें सुनवाई का अवसर मिलेगा और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
अब हरिद्वार ग्रामीण में फॉर्म-7 और मतदाता सूची का मुद्दा सीधे सियासी अखाड़े में उतर चुका है। एक ओर कांग्रेस इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया बताते हुए कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और गरमाने के आसार हैं।
