हरिद्वार, 20 जुलाई। उत्तराखंड की राजनीति में रविवार को उस समय हलचल मच गई, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और देवभूमि अधिकार मंच के संयोजक प्रमोद खारी ने पार्टी से इस्तीफा देने के साथ ही लकसर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में खारी ने भाजपा और सरकार पर जमकर हमला बोला। प्रमोद खारी ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक जनता की समस्याओं को सरकार और संगठन के सामने रखा, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष भी क्षेत्र के मुद्दे उठाए गए, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब जनता की आवाज़ ही नहीं सुनी गई तो दुखी मन से भाजपा छोड़ने का फैसला लेना पड़ा। खारी ने कहा कि वे राजनीति में पद या टिकट के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा के उद्देश्य से आए हैं। उनका दावा है कि लकसर की जनता का आशीर्वाद उनके साथ है और इसी भरोसे वे आगामी विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेंगे।उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे के दौरान प्रदेश सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। इस दौरान भाजपा नेता नमन गोस्वामी ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी, जिससे लकसर की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रमोद खारी का यह बगावती दांव आगामी विधानसभा चुनाव में कितना असर दिखाता है।
