हरिद्वार से शुरू हुई यह नो पॉकेट पहल देशभर के मंदिरों में चर्चा का विषय बन गई है। क्या दूसरे बड़े धार्मिक स्थल भी इसे अपनाएंगे? इस पर सबकी नजर रहेगी।
हरिद्वार। हरिद्वार के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में अब पुजारियों की जेबें गायब हो गई हैं। वजह है मंदिर ट्रस्ट की नई और अनोखी पहल। मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अब पुजारी और कर्मचारी बिना जेब वाले विशेष कुर्ते पहनकर ही सेवा करेंगे। बुधवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने सभी पुजारियों और कर्मचारियों को ये विशेष कुर्ते वितरित किए। डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े विवादों के बाद मंदिर व्यवस्थाओं पर सवाल उठे हैं। ऐसे में मनसा देवी मंदिर ने तय किया कि जब जेब ही नहीं होगी, तो चढ़ावा जेब में रखने की आशंका भी नहीं रहेगी। उनका कहना है कि कुछ लोगों की गलती से पूरे मंदिर प्रबंधन और सनातन पर सवाल उठते हैं, इसलिए श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि यदि कोई पुजारी या कर्मचारी चढ़ावे में गड़बड़ी करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सीधा मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस फैसले की जमकर सराहना की। इंदौर से आए श्रद्धालु प्रमोद कुमार दूबे ने कहा कि उन्होंने देश के कई मंदिरों के दर्शन किए हैं, लेकिन नो पॉकेट कुर्ता जैसी व्यवस्था पहली बार देखी है। उनका मानना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
