हरिद्वार। विश्वविख्यात भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन जगद्गुरु स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का सप्तम समाधि दिवस गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट के तत्वावधान में राघव कुटीर, हरिपुर कलां स्थित समाधि मंदिर में हुआ। इसकी अध्यक्षता जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने की।
स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का जीवन भारतीय अध्यात्म, राष्ट्रभक्ति और सनातन संस्कृति का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरुदेव के सत्य, सेवा, साधना और समन्वय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर समाधि मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन-अर्चन, रुद्राभिषेक और महाआरती संपन्न हुई। मध्य प्रदेश के आगर-मालवा से आए श्रद्धालु दिलीप सोनी एवं अर्चना सोनी ने समाधि पीठ पर भव्य रजत छत्र अर्पित किया।
भारत माता जनहित ट्रस्ट की बैठक में महासचिव आई.डी. शास्त्री, न्यासी भूपेन्द्र कौशिक, अजय सूद, सुरेश मोढ़ और विजेंद्र वाजपेई ने सेवा एवं लोकमंगल के प्रकल्पों को विस्तार देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि, स्वामी ललितानंद गिरि, रश्मिता चतुर्वेदी, नवीन शर्मा सहित बड़ी संख्या में संत, साधक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
