हरिद्वार, 13 मई। आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर मेलाधिकारी सोनिका ने बुधवार को मेला नियंत्रण भवन में संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी, शिथिलता अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मेलाधिकारी ने कहा कि आसन्न वर्षाकाल अथवा अन्य अपरिहार्य कारणों से जो प्रस्तावित कार्य समय पर पूरे होना संभव न हों, उन्हें विभाग तत्काल वापस ले लें, ताकि अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर संसाधनों और ऊर्जा का बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने कुंभ मेला 2027 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों, पुलों, घाटों, जलापूर्ति योजनाओं, विद्युतीकरण, आंतरिक मार्गों एवं चौराहों के सुधार कार्यों की विभागवार समीक्षा की। श्रीमती सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महाआयोजन है, इसलिए सभी विभाग युद्धस्तर पर कार्य करते हुए श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष जोर देते हुए कम प्रगति वाले विभागों को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही वित्त नियंत्रक को निर्देशित किया गया कि जिन विभागों द्वारा संतोषजनक प्रगति की जा रही है, उन्हें उनकी मांग के अनुरूप योजनाराशि की दूसरी किश्त समय पर जारी की जाए। मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को स्वीकृत योजनाओं के संबंध में एमओयू प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं योजनाओं पर कार्य किया जाए जिन्हें निर्धारित समय में पूरा किया जा सके, अन्यथा विभाग ऐसे प्रस्ताव वापस ले लें। बस स्टेशनों एवं रेलवे स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण तथा अस्थायी बस अड्डों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वच्छता के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे एवं बस स्टेशनों के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कुंभ क्षेत्र के सभी रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डे एक समान एवं आकर्षक स्वरूप में दिखाई देने चाहिए। इसके लिए एचआरडीए के वास्तुविद के माध्यम से एक समान मॉडल डिजाइन तैयार कराने के निर्देश भी दिए गए।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेला अधिकारी मनजीत सिंह, वित्त नियंत्रक लखेन्द्र गौंथियाल, तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार एवं अभिनव नौटियाल, पीआईयू के परियोजना प्रबंधक प्रवीन कुश, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, एचआरडीए की वरिष्ठ वास्तुविद दृष्टि जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
