हरिद्वार, 11 मई। जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 66 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 30 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के साथ भेजा गया। जनसुनवाई में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, पेयजल, जलभराव और सीवर जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। लालढांग की महिलाओं ने खेत में अवैध कब्जा और नाले का गंदा पानी छोड़े जाने की शिकायत की, तो गंगदासपुर के ग्रामीणों ने विस्थापित भूमि पर कब्जे के प्रयासों का मामला उठाया। वहीं मोहन इंक्लेव कॉलोनी के लोगों ने सीवर लाइन निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण जरूरी है, वहां विभाग आपसी समन्वय के साथ मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कोई शिकायत दोबारा जनसुनवाई में पहुंचती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाए।
सीएम हेल्पलाइन पर भी सख्ती
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने पाया कि कई विभागों में 36 दिन से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं। एल-1 स्तर पर 583 और एल-2 स्तर पर 143 शिकायतें लंबित मिलने पर डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी शिकायतकर्ताओं से स्वयं फोन पर बात करें और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। डीएम ने कहा कि जनता की शिकायतों को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ हल करना ही प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।
बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी डॉ लालित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी आर के सिंह, अपर उप जिलाधिकारी रुड़की हर गिरि, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा०शि०) अमित कुमार चन्द, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला आपदा अधिकारी मीरा रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल, जिला प्रोविजन अधिकारी अविनाश भदौरिया सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।
