हरिद्वार, 2 मई। कुंभ मेला 2027 को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए मेला प्रशासन ने तैयारियों को नई रफ्तार दे दी है। बदलते ट्रैफिक पैटर्न और नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार यातायात प्रबंधन को बहुआयामी रणनीति के तहत तैयार किया जा रहा है। संपर्क मार्गों के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और नए पार्किंग स्थलों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शनिवार को मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों की टीम के साथ कुंभनगरी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों और बाहरी क्षेत्रों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बहादराबाद, धनौरी, कलियर, मेहवड़, सालियर, नारसन और मंगलौर जैसे महत्वपूर्ण इलाकों का दौरा कर सड़कों, चौराहों और संपर्क मार्गों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। इन मार्गों से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुंभ क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, इसलिए यहां यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने एनएचएआई की परियोजनाओं, विशेषकर हरिद्वार बाईपास, रिंग रोड और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं को कुंभ से पहले हर हाल में पूरा कराया जाए, ताकि वाहनों के प्रवेश और निकास को सुचारु बनाया जा सके। नारसन बॉर्डर पर विशेष फोकस करते हुए भव्य स्वागत द्वार और व्यवस्थित पार्किंग की योजना पर भी काम तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोक निर्माण और सिंचाई विभाग को संपर्क मार्गों की मरम्मत, चौड़ीकरण और पुल निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा गया। मेलाधिकारी ने साफ कहा कि मजबूत संपर्क मार्ग ही बेहतर यातायात व्यवस्था की रीढ़ हैं। इसके साथ ही हरित पट्टियों, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि कुंभनगरी आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे सके। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, CO ट्रैफिक विपेन्द्र सिंह, तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, अनुभव नौटियाल सहित लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, NHAI और मेला अधिष्ठान के अधिकारी मौजूद थे।
