हरिद्वार, 20 अप्रैल। भूपतवाला स्थित ओम मुरारी आश्रम, रानीगली में सोमवार को आश्रमधारी संतों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संत समाज की एकता, संरक्षण एवं अधिकारों की मजबूती के उद्देश्य से सर्वसम्मति से अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के गठन की घोषणा की गई।
बैठक में परिषद के पदाधिकारियों का मनोनयन भी किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरी महाराज को राष्ट्रीय अध्यक्ष, संत राम विशाल दास महाराज को राष्ट्रीय महामंत्री, विनोद महाराज को उपाध्यक्ष, स्वामी स्वयमानन्द महाराज को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, महंत ओमानंद को मंत्री तथा स्वामी सत्व्रतानन्द महाराज को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा श्रीमहंत गोपाल गिरि को राष्ट्रीय सदस्य और श्रीमहंत बाबा हठयोगी महाराज को आजीवन संरक्षक मनोनीत किया गया। बैठक के दौरान संत समाज पर हाल ही में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों, विशेषकर संतों को कालनेमि कहे जाने पर परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा प्रस्ताव पारित किया। संतों ने स्पष्ट किया कि उनके सम्मान से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद ने यह संकल्प भी लिया कि वह आश्रमधारी संत-महंतों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएगी और शोषण व अन्याय के खिलाफ संगठित आवाज उठाएगी। आगामी अर्धकुंभ को देखते हुए संतों और आश्रमों के लिए आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराने हेतु प्रशासन व सरकार के समक्ष प्रभावी पहल करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय हुआ कि जल्द ही कार्यकारिणी की अगली बैठक आयोजित कर संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और समस्याओं के समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।
