आयोजन से पूर्व विद्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में स्कूल के संस्थापक स्वामी शरद पुरी ने कहा कि शिक्षा मनुष्य को सच्चे अर्थों में मनुष्य बनाती है और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि 25 वर्षों की इस यात्रा में हरिद्वार के संतों, माननीयजनों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों का विद्यालय को निरंतर सहयोग मिलता रहा है।
विद्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार दोनों शाखाओं रानीपुर और जगजीतपुर के नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी महोत्सव के दौरान विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे। कार्यक्रमों का मुख्य विषय भारतीय पौराणिक कथाएँ, संस्कृति और पारंपरिक लोककला होगा।
प्रेस वार्ता में स्वामी शरद पुरी के साथ शिवडेल जगजीतपुर के प्रधानाचार्य रवि उपाध्याय, शिवडेल रानीपुर के प्रधानाचार्य विपिन कुमार सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रजत जयंती समारोह की सांस्कृतिक संध्या उत्तराखंड की लोककला और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित होगी।
