हरिद्वार। हरिद्वार में जन्माष्टमी का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है हरिद्वार के कई प्रमुख मंदिरों को सजाया गया है और वहां पर तरह-तरह की झांकियां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है इसको देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं भगवान श्री कृष्णा का जन्मदिन रात्रि 12:00 तक मनाया जाता है और उसके बाद भोग प्रसाद और आरती करके लोग कृष्ण जन्माष्टमी को मानते हैं
हरिद्वार के सुभाष घाट पर भी जन्माष्टमी का त्योहार कि बड़ी धूमधाम से तैयारी की जा रही है इस महोत्सव में भगवान श्री कृष्ण और राधा की वेशभूषा में कलाकारों यहां पहुंचेंगे। इस
जन्माष्टमी महोत्सव की विशेषताएं
57 साल से आयोजन सुभाष घाट पर जन्माष्टमी महोत्सव 57 साल से धूमधाम से मनाया जा रहा है।
यहां तरह तरह की झांकियां आकर्षण का केंद्र होती हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
कलाकारों का प्रदर्शन कलाकारों ने श्रीकृष्ण जन्म से लेकर कंस वध, गोवर्धन लीला और भूत प्रेत की भव्य झांकियां बनाई है के इस महोत्सव को सफल बनाने में कई संगठन शामिल है हरिद्वार में हर की पौड़ी पर सुभाष घाट पर और रेलवे स्टेशन के बाहर तथा भेल में बड़ी झांकियां लगाई जाती है इसको देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं और भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप में उनके दर्शन करके उनकी पूजा अर्चना करते हैं घरों में आज लोगों ने व्रत भी रखा और रात को भगवान श्री कृष्ण को खीर मक्खन और मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा और 56 प्रकार के भोग से श्री कृष्णा का प्रसाद तैयार किया गया है,
