जिलाधिकारी ने बालिकाओं को जिला कार्यालय में संचालित कार्यों, जनसुनवाई प्रक्रिया और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अवगत कराया। इसके बाद बेटियों ने जिलाधिकारी के साथ मिलकर जनसमस्याओं पर विचार-विमर्श किया।
बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिलाधिकारी के साथ बैठकर जनसुनवाई में भाग लेना जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्रों में बालिका शिक्षा और लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि यह पहल सरकारी विद्यालयों की बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी देने तथा उन्हें शिक्षा व कैरियर के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है। इस कार्यक्रम का आयोजन रिलैक्सो कम्पनी के सहयोग से किया गया। शीतल पुत्री तेलूराम, कक्षा 08, जेनरल शाहनवाज राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ऐथल, तनीषा पुत्री शमीम, कक्षा 08, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बुक्कनपुर (लक्सर), ईशा गोयल पुत्री प्रवेश गोयल, कक्षा 11, नेशनल कन्या इंटर कॉलेज, खानपुर, तमन्ना पुत्री परविन्दर कुमार, कक्षा 09, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अकबरपुर उर्दू और अंशिका पुत्री संदीप कुमार, कक्षा 12, अटल उत्कर्ष राजकीय इंटर कॉलेज, मुण्डाखेड़ा कलां बनी एक दिन की प्रशासनिक अधिकारी।
