हरिद्वार, 4 दिसंबर। धर्मनगरी हरिद्वार बुधवार दोपहर एक्शन मोड में तब दिखी, जब पुलिस विभाग ने किसी भी आपदा और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी परखने के लिए शहर के तीन प्रमुख स्थलों हरकी पौड़ी मालवीय घाट, घंटाघर और सुभाष घाट पर एक साथ मॉकड्रिल का अभ्यास किया।
पहला अलर्ट तब मिला, जब मालवीय घाट पर संदिग्ध बैग मिलने की सूचना हरकी पौड़ी चौकी तक पहुंची। कुछ ही मिनटों में पुलिस टीम, बीडीएस, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर जुट गईं। चौकी इंचार्ज ने बिना भीड़ को विचलित किए पूरे क्षेत्र को सावधानीपूर्वक खाली कराया, जबकि बीडीएस टीम ने सेंसर और डॉग स्कैन के आधार पर बैग में संदिग्ध वस्तु होने की आशंका जताई। पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों की रफ्तार और तालमेल का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
दूसरे मॉकड्रिल में घंटाघर पर अचानक दो लोगों को बंधक बनाए जाने की सूचना से हलचल मच गई। एटीएस टीम ने फ़िल्मी अंदाज़ में मौके पर पहुंचकर अपहरणकर्ताओं को मिनटों में काबू किया और बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराया।
तीसरी अभ्यास घटना में सुभाष घाट स्थित एक चाय की दुकान पर आग लगने की सूचना पर दमकल विभाग अलर्ट मोड में आ गया और कुछ ही पलों में आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
इंसीडेंट कमांडर एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा ने बताया कि मॉकड्रिल का उद्देश्य सभी एजेंसियों का रिस्पांस टाइम, समन्वय और वास्तविक स्थिति में त्वरित बचाव क्षमता का परीक्षण करना था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से आपदा की वास्तविक स्थिति में जानमाल का नुकसान कम से कम रखने में मदद मिलती है।
पूरे अभ्यास के दौरान एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एएसपी सदर निशा यादव, एएसपी ज्वालापुर जितेंद्र चौधरी, सीओ सिटी शिशुपाल नेगी, सीओ ट्रैफिक संजय चौहान सहित कई अधिकारी और टीम मौजूद रही।
लोगों ने भी राहत की सांस लेते हुए कहा कि अगर असली घटना होती, तो हरिद्वार पुलिस की तैयारी काबिल-ए-तारीफ है।
