बैठक की अध्यक्षता तीर्थाचार्य श्री राम विशाल दास महाराज ने की। उन्होंने कहा कि “विश्व सनातन महापीठ केवल एक भवन नहीं, बल्कि यह आने वाले युग में सनातन धर्म, संस्कृति और वैदिक शिक्षा के पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा।”
उन्होंने बताया कि इस महापीठ में सनातन संसद भवन, आधुनिक वैदिक गुरुकुल, संत निवास, यज्ञशालाएँ और सनातन टाइम म्यूज़ियम जैसे दिव्य प्रकल्प स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का उद्घोषणा एवं शिला पूजन समारोह 21 नवम्बर 2025 को भूपतवाला, हरिद्वार में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
न्यास के महामंत्री महन्त ओमदास जी ने कहा कि “विश्व सनातन महापीठ समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह न केवल धर्म की पुनर्स्थापना करेगा बल्कि युवाओं में वैदिक चिंतन, शिक्षा और स्वावलंबन की भावना को भी जागृत करेगा।”
मुख्य समन्वयक शिशिर चौधरी और उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि तीर्थ सेवकों को इस युग परिवर्तन के महायज्ञ में पूर्ण समर्पण के साथ जुटना होगा ताकि यह परियोजना सनातन नवजागरण की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि तीर्थ सेवा न्यास का #Save5G अभियान जनजागरूकता के नए माध्यमों — जनसभाओं, पर्यावरणीय कार्यक्रमों और डिजिटल संवादों — के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत 30 नवम्बर 2025 को हरिद्वार में विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई।
बैठक में बड़ी संख्या में तीर्थ सेवक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें राजेश मोहन गुप्ता, बिजेंद्र सिंह चौहान, सिद्धार्थ कौशिक, कमलेश्वर प्रतीक त्रिपाठी, नीरज सिंह, गगन आहुजा, डॉ. सोनिया चेकर, विनोद कुमार चौहान, अश्वनी चौहान, विशाल आर्य, राजेश अरोड़ा, राकेश गुप्ता, संजय कुमार, अमित बिश्नोई, पवन, विवेक मिश्रा, गुलशन पाठक आदि प्रमुख रहे।
बैठक का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि विश्व सनातन महापीठ को सनातन धर्म के नवउदय का केंद्र बनाया जाएगा और यह कार्य पूर्णतः समाज एवं संत समाज के सहयोग से सम्पन्न किया जाएगा।
