हरिद्वार, 23 फरवरी। जनपद में विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जिला योजना, राज्य योजना एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्गत धनराशि के सापेक्ष व्यय की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के निकट है, ऐसे में जिन विभागों द्वारा स्वीकृत धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय नहीं किया गया है, वे फरवरी माह के अंत तक अवशेष धनराशि खर्च करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सेक्टर के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बी एवं डी श्रेणी में आने वाले विभागों को ए श्रेणी में लाने हेतु विशेष प्रयास करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा जनपद में की गई घोषणाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और विलंब न करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। स्वच्छता अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि तीर्थ नगरी हरिद्वार को साफ, स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए विगत तीन माह से अभियान चलाया जा रहा है। 21 फरवरी से 3 मार्च तक “चमाचम सड़क सफाई अभियान” शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आमजन को जोड़कर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, मुख्य चिकित्साधिकारी आर के सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भण्डारी सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
