हरिद्वार, 24 मार्च। ग्रामीण अंचल के युवाओं को प्रेरित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज, धनौरी में एक अलग ही अंदाज में क्लास ली। प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि एक शिक्षक के रूप में उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद किया और सफलता के गुर सिखाए। कॉलेज में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में डीएम ने युवाओं को लक्ष्य तय करने और उसे पाने के लिए ईमानदारी से निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि घंटों पढ़ाई करने से ज्यादा जरूरी है सही दिशा में फोकस के साथ पढ़ना। उनकी इस बात पर छात्रों ने तालियों से स्वागत किया। आज के डिजिटल दौर पर चिंता जताते हुए डीएम ने मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल को युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि स्क्रीन पर बिताया गया समय अगर सीमित न किया जाए तो यह सपनों को कमजोर कर देता है। साथ ही नशे से दूर रहने और अच्छी संगति अपनाने की भी नसीहत दी।
कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब रहा जब छात्रों ने बेबाक सवाल पूछे। एक छात्रा ने आंखों की कमजोर रोशनी को लेकर प्रशासनिक सेवाओं में बाधा का मुद्दा उठाया, जिस पर डीएम ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कमी सफलता की राह नहीं रोक सकती। वहीं, एक छात्र के एमबीए के बाद सिविल सर्विसेज में जाने के सवाल पर उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए इसे पूरी तरह संभव बताया। कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन ने डीएम का स्वागत किया और संस्थापक स्व. डॉ. तेजवीर सिंह सैनी को श्रद्धांजलि दी गई। इससे पूर्व महाविद्यालय पहुंचने पर प्रबंध समिति की ओर से डॉ. आदित्य सैनी, प्राचार्य डॉ. मुनेंद्र सिंह, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों ने जिलाधिकारी का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. हर्ष सैनी ने की, जबकि संचालन डॉ. योगेश कुमार द्वारा किया गया।
