हरिद्वार, 19 दिसंबर। आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किए जाने के उद्देश्य से किए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों को नमामि गंगे मिशन में शामिल करने के लिए सीसीआर में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुंभ मेलाधिकारी सोनिका ने की।
बैठक में डायरेक्टर (अर्बन), राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन धीरज जोशी, परियोजना निदेशक राज्य स्वच्छ गंगा मिशन उत्तराखंड विशाल मिश्रा, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुंभ मेले से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों का पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
प्रस्तुतीकरण में कुंभ मेले के लिए तीन नए घाटों के निर्माण, ग्रीन घाट विकसित किए जाने, नगर निगम द्वारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली, पेयजल निगम द्वारा एसटीपी प्लांट की स्थापना, म्यूजियम निर्माण तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना कार्यों के प्रस्ताव शामिल रहे। इन सभी प्रस्तावों की गहन समीक्षा करते हुए उनके पर्यावरणीय एवं जनहित पक्षों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
कुंभ मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इसी दृष्टि से ग्रीन घाट और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसे प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
वहीं राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के डायरेक्टर धीरज जोशी ने आश्वस्त किया कि कुंभ मेले से जुड़े सभी प्रस्तावों को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक के उपरांत एनएमसीजी की टीम द्वारा सीसीआर से वीआईपी घाट तक विभिन्न घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया गया।
