हरिद्वार, 28 मार्च। प्राइड फार्मा कैम के मालिक रमेश मैठाणी ने ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी फर्म का लाइसेंस बनाने के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पैसे दिए उनका लाइसेंस जानबूझकर लंबित रखा गया। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान रमेश मैठाणी ने कहा कि उन्होंने अपनी फर्म के लाइसेंस के लिए विधिवत आवेदन किया था, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी लाइसेंस जारी नहीं किया गया। उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती से संपर्क किया तो उनसे रिश्वत की मांग की गई।
मैठाणी के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर ने उन्हें दो मोबाइल नंबर दिए और कहा कि उन्हीं नंबरों पर ऑनलाइन पैसे भेजने के बाद ही लाइसेंस की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मजबूरी में उन्होंने बताए गए नंबरों पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से भुगतान किया। एक नंबर पर ₹10 हजार और दूसरे नंबर पर ₹5 हजार की राशि ट्रांसफर की गई। रमेश मैठाणी ने दावा किया कि उनके पास इन ऑनलाइन ट्रांजेक्शनों के सबूत भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह संबंधित अधिकारियों और जांच एजेंसियों को सभी साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे। पत्रकार वार्ता में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कैश खुराना ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह से लाइसेंस के नाम पर रिश्वत ली जा रही है तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, इस पूरे मामले ज़ब ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा।
