हरिद्वार, 13 अप्रैल। हरिद्वार के हरकी पैड़ी पर एक्स मुस्लिम यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गरमा गया है। संत राम विशाल दास महाराज ने प्रेस क्लब में खुलकर मोर्चा खोलते हुए गंगा सभा और उससे जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप जड़ दिए। संत ने दावा किया कि यात्रा पूरी तरह सफल रही और प्रशासन की अनुमति के साथ बिजनौर से हरिद्वार पहुंची थी। उन्होंने कहा कि घर वापसी करने वालों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है, इसी भावना से वे हरकी पैड़ी पहुंचे थे। विवाद के बीच संत ने साफ किया कि गंगा सभा के स्वयंसेवकों ने केवल जूते उतरवाए, किसी को टोपी हटाने के लिए मजबूर नहीं किया गया।
वहीं, उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें सिद्धार्थ चक्रपाणी और उज्जवल पंडित का फोन आया, जिसमें विरोध की चेतावनी दी गई। सबसे बड़ा हमला करते हुए संत राम विशाल दास ने गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम और तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और दोनों को पद से हटाने की मांग कर डाली। उन्होंने यहां तक कह दिया कि हरकी पैड़ी अब ठगी का अड्डा बन चुकी है। अपने ऊपर लगे आरोपों पर पलटवार करते हुए संत बोले, मैं संतों से दीक्षित हूं, गंगा सभा ने मुझे संत नहीं बनाया। अगर मुझे कालनेमी कहा जाएगा, तो संत समाज इसका विरोध करेगा। इस बयान के बाद हरिद्वार की सियासत और धार्मिक माहौल में हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।
