नई दिल्ली 29 मार्च। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक असम हाउस, चाणक्यपुरी में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे लेफ्टिनेंट आर माधवन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकर जी ने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पुनर्गठन में चुनाव अधिकारी का दायित्व निभाया। सर्वप्रथम संगठन के संरक्षक के रूप में हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया, तत्पश्चात अध्यक्ष के पद पर चयनित करने के लिए नाम मांगे गए। वर्तमान अध्यक्ष देशबंधु ने असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि आयु और स्वास्थ्य को देखते हुए मुझे इस पद से मुक्त किया जाए, किंतु उपस्थित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने उनके इस आग्रह को अस्वीकार करते हुए सहयोगी के रूप में कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में चुनाव अधिकारी भारत भूषण विद्यालंकार ने प्रत्याशियों के नाम मांगे, किंतु कोई भी इसके लिए सहमत नहीं हुआ, तब राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने असम के पराक्रमी सहयोगी द्विजेन्द्र मोहन शर्मा का नाम प्रस्तावित किया, जिसे हर्ष ध्वनि के साथ सभी ने स्वीकार किया। महासचिव के चयन के लिए भी इसी तरह नाम मांगे गए, किंतु कोई भी इस पद के लिए सहमत नहीं हुआ। सभी का आग्रह था कि वर्तमान महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी इस महत्वपूर्ण दायित्व को निभाएं, करतल ध्वनि के साथ कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद प्रत्येक राज्य से उपाध्यक्षों का चयन किया गया तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों का भी चयन किया गया। प्रत्येक राज्य के अध्यक्ष भी कार्यकारिणी के सदस्य होंगे।सर्व सम्मति से कुछ प्रान्तों के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों का भी चयन हुआ। छत्तीसगढ़ गणेश शंकर मिश्रा, उप्र, मृगांक शेखर आनन्द, अलका चौहान, हरियाणा सूबेदार बिजेन्दर सिंह, मध्य प्रदेश कमल अग्रवाल, सुनील कुमार गुजराती, तमिलनाडु ए वेदरत्नम, झारखंड ओम प्रकाश माझी, पंजाब सूबेदार चेतन सिंह, बिहार अशोक कुमार वर्मा, राजस्थान विशाल सिंह सौदा, असम कमल चंद्र लहकर, कर्नाटक़ अप्पाराव नवले, त्रिपुरा दीपा दास, पश्चिम बंगाल मोनोतोष दास इसके अलावा कोर कमेटी का भी गठन किया गया, जो किसी भी प्रकार के निर्णय लेकर कार्यों को कार्यान्वित करेगी, जिसमें महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी, कार्यकारी अध्यक्ष द्विजेंद्र मोहन शर्मा, चंद्र प्रकाश बाजपेई, कपूर सिंह दलाल, डॉ राजा भैया मिश्रा, परमजीत सिंह टिवाना, राजेश प्रताप सिंह तथा ए वेदरत्नम शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सुरेश चंद्र सुयाल, सुरेश चंद्र बबेबे, महंथ प्रजापति, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य कुमार सिंह, अरुण प्रताप सिंह, कृष्णेन्द्र प्रताप सिंह, सिंगू रमेश, एम सन्मुग सुंदरम, सुंदर विमल नाथन, के एम शेख नमक्कल, इशरत उल्ला खान तथा मुन्नालाल कश्यप शामिल हैं। कार्यकारिणी की बैठक में हरिद्वार उत्तराखंड में 13 अप्रैल को तथा दिल्ली में 15 जून को शहीद कुशल कुंवर की 83 वीं पुण्यतिथि पर अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में वृहद कार्यक्रम करने की घोषणा की गई। छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब तथा मध्य प्रदेश से भी बड़े कार्यक्रमों के आयोजन की तिथियां निर्धारित करने का आग्रह किया गया, किंतु उन्हें 15 जून के कार्यक्रम के बाद तिथियां देने का निश्चय किया गया है।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने सभी उपस्थित कार्यकारिणी सदस्यों से आग्रह किया कि यहां से जाने के बाद हर महीने प्रथम रविवार 10 बजे 10 मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम अभियान को गति प्रदान करें, उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में जो भी प्रगति दिखाई पड़ रही है वह इसी अभियान का जीता जागता प्रमाण है। रघुवंशी ने अपने पराक्रमी भाइयों से निवेदन किया कि किसी भी स्वतंत्रता सेनानी संगठन के प्रति ईर्ष्या द्वेष का भाव न रखें और न ही किसी तरह की कोई टीका टिप्पणी करें, अपने अभियान को गति प्रदान करने के लिए तन, मन तथा धन से संलग्न हो जाएं, 13 अप्रैल में हरिद्वार में आयोजित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार सम्मेलन तथा स्वतंत्रता सेनानी सम्मान यात्रा में शामिल होने के लिए जितेन्द्र रघुवंशी ने सभी को आमंत्रित किया। इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष द्विजेन्द्र मोहन शर्मा, अध्यक्ष देशबंधु, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री भारत भूषण विद्यालंकार ने भी सभी संगठन के पदाधिकारियों से निवेदन किया कि यह समय करो या मरो का है, अपने अस्तित्व को बचाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना है। अंत में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लेफ्टिनेंट आर माधवन ने अपने उद्बोधन में सभी को आशीर्वाद प्रदान किया।
