हरिद्वार, 10 अप्रैल। शुक्रवार को आयोजित व्यापक मॉक ड्रिल अभ्यास के दौरान शहर के अलग-अलग स्थानों पर आपदा जैसे हालात उत्पन्न कर प्रशासन की तैयारियों को परखा गया। इस दौरान हर की पौड़ी, रेलवे स्टेशन, भीमगौड़ा टनल, अपर बाजार, पंतद्वीप पार्किंग और विष्णु घाट जैसे प्रमुख स्थानों को चिन्हित कर अलग-अलग आपात स्थितियों का सजीव अभ्यास किया गया।मॉक ड्रिल के तहत हर की पौड़ी पर गंगा का जलस्तर बढ़ने से भगदड़, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़, भीमगौड़ा रेलवे टनल पर बारिश से ट्रैक क्षतिग्रस्त होने और अपर बाजार में बम विस्फोट की अफवाह जैसे घटनाक्रम तैयार किए गए। वहीं पंतद्वीप पार्किंग और विष्णु घाट पर भी भारी भीड़ और टिहरी बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों की गति और समन्वय का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दिया। टीमों ने घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भीड़ को नियंत्रित करने और अफवाहों पर काबू पाने का सफल प्रदर्शन किया।आपदा कंट्रोल रूम में इंसीडेंट कमांडर (आईसी) मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र अधिकारियों को राहत एव कार्य के आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आगामी बड़े आयोजनों और संभावित आपदाओं के लिए प्रशासन की तत्परता और समन्वय क्षमता को मजबूत करना है, ताकि वास्तविक स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
