हरिद्वार, 6 जुलाई। कुम्भ मेला 2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में पुलिस विभाग ने तैयारियों को नई गति दे दी है। सोमवार को सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में आयोजित छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ए.पी. अंशुमन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला आयुष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव तथा अपर पुलिस अधीक्षक सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र अनुषा बडोला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर एडीजी ए.पी. अंशुमन ने कहा कि कुम्भ मेला दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल का प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम होना बेहद जरूरी है। छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था, डिजिटल तकनीकों के उपयोग, जनसंपर्क, महिला एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश देवली और सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल भी अपने अनुभव साझा करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों और प्रशिक्षणार्थियों ने कुम्भ मेला-2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
