सुनवाई के इंतजार में रुकीं विकास परियोजनाएं, नए नियम लागू होने की राह देख रहा शहर
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान 2041 के जल्द लागू होने की उम्मीद जगी है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के अनुसार, शेष बची आपत्तियों की अंतिम सुनवाई पूरी होते ही मास्टर प्लान को शासन के अनुमोदन के लिए भेज दिया जाएगा। इसके लागू होने के बाद शहर के विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।
गौरतलब है कि मास्टर प्लान 2041 को एक जनवरी 2026 से प्रभावी किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन विभिन्न आपत्तियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण इसे अब तक अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। परिणामस्वरूप कई विकास परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं और प्राधिकरण को पुराने नियमों के तहत कार्य करना पड़ रहा है।
मास्टर प्लान लागू न होने का असर शहर के नियोजित विकास पर भी दिखाई दे रहा है। कई क्षेत्रों में बिना स्वीकृत नक्शों के निर्माण कार्य और अवैध कॉलोनियों के विकसित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नए मास्टर प्लान के लागू होने से भूमि उपयोग, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के निर्धारण सहित कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं स्पष्ट हो जाएंगी।
एचआरडीए की उपाध्यक्ष सोनिका ने बताया कि पूर्व में प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है, लेकिन हाल ही में कुछ नई आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनकी सुनवाई जल्द पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद मास्टर प्लान 2041 को शासन के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा, ताकि इसे जल्द लागू किया जा सके।
मास्टर प्लान 2041 को हरिद्वार के भविष्य के विकास का रोडमैप माना जा रहा है। ऐसे में शहरवासियों, निवेशकों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों की निगाहें अब अंतिम सुनवाई और शासन की मंजूरी पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि लंबे इंतजार के बाद जल्द ही हरिद्वार को नया मास्टर प्लान मिल जाएगा और रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
