नैनीताल। केशव थलवाल प्रकरण में हाईकोर्ट से बड़ा फैसला सामने आया है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की अदालत ने सोशल मीडिया ट्रायल पर कड़ा रुख अपनाते हुए केशव थलवाल और उसके साथियों को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना कानूनन गलत है। अदालत ने उत्तराखंड के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे विवादित वीडियो और पोस्ट तत्काल हटवाए जाएं। साथ ही जिन लोगों ने ऐसे वीडियो अपलोड किए हैं, उन्हें भी तुरंत कंटेंट डिलीट करने के आदेश दिए गए हैं। हरिद्वार के अधिवक्ता मयंक त्यागी द्वारा दायर याचिका में यह मुद्दा उठाया गया था कि केशव थलवाल फेसबुक पर QR कोड जारी कर केस लड़ने के नाम पर पैसे मांग रहा था। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए गलत करार दिया।
कोर्ट की दो टूक, फेसबुक पर ड्रामा नहीं चलेगा
अदालत ने कहा कि यदि किसी को शिकायत है तो वह पुलिस या कोर्ट का दरवाजा खटखटाए, लेकिन सोशल मीडिया पर किसी को बदनाम करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कोर्ट के बड़े फैसले बिंदुवार
🔹 केशव थलवाल पर फेसबुक के जरिए QR कोड डालकर फंडिंग मांगने का आरोप, कोर्ट ने माना गलत।
🔹 सोशल मीडिया ट्रायल पर रोक, किसी की छवि खराब करने पर सख्त टिप्पणी।
🔹 केशव की याचिका संख्या 589/2026 और अधिवक्ता मयंक त्यागी की याचिका 826/2026 पर एक साथ सुनवाई होगी।
🔹 केशव और उसके साथियों को सोशल मीडिया से सभी विवादित वीडियो और पोस्ट हटाने होंगे।
🔹 सरकार और केशव को 3 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश।
🔹 कोर्ट ने कहा कि पुलिस जांच निष्पक्ष तरीके से होगी, किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं होगी।
🔹 अगली सुनवाई 5 जून 2026 को तय।
🔹 यदि केशव को किसी प्रकार का खतरा महसूस होता है तो वह SSP को सूचना दे सकता है।
अब सोशल मीडिया पर बयानबाजी पड़ेगी भारी ?
