हरिद्वार। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रस्तावित घोषणा से पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी, त्रुटिरहित और समावेशी बनाना रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अर्ह मतदाता का नाम त्रुटिवश मतदाता सूची से अपमार्जित न हो। उन्होंने बताया कि जनपद की 11 विधानसभाओं में पुनरीक्षण कार्य के लिए 11 ईआरओ, 64 एईआरओ तथा 1715 मतदेय स्थलों पर 213 बीएलओ/सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही अनुपस्थित, अन्यत्र स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं की एएसडी सूची भी तैयार कर सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट जाता है तो वह प्रपत्र-6 भरकर संबंधित बीएलओ के पास जमा कर सकता है या ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से अपना नाम पुनः जुड़वा सकता है। जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रत्येक मतदेय स्थल पर बीएलए-2 तैनात करें, ताकि बीएलओ को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके और गलत तरीके से नाम हटने की संभावना को रोका जा सके। डीएम मयूर दीक्षित ने यह भी स्पष्ट किया कि जो मतदाता स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम नियमानुसार मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने सभी दलों और संबंधित अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में सहायक निर्वाचन अधिकारी अरुण पेंन्यूली, भाजपा के पदाधिकारी तेलूराम, राजकुमार, मनोज नायक कांग्रेस के पदाधिकारी सीपी सिंह, कैश खुराना, सोनू शर्मा, संजय सैनी, बालेश्वर सिंह, वीपीएस तेजियान, कमलकांत, शहजाद बसपा से धनराज डॉ प्रवीण कुमार आदि सहित कई राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद थे।
