हरिद्वार, 20 अप्रैल। कुंभ मेला 2027 को लेकर मेला क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं से जुड़े कार्य तेज गति से चल रहे हैं। लगभग तीन दर्जन विकास योजनाओं को आगामी 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की लगातार निगरानी कर रही हैं। इसके लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग के साथ-साथ अधिकारियों की टीमें नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर रही हैं।
सोमवार को मेलाधिकारी ने सीसीआर-2 भवन के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। यह भवन कुंभ मेले के अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए निर्माण एजेंसी को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्नान पर्वों और सप्ताहांत में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से पर्याप्त निर्माण सामग्री का भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
मेलाधिकारी ने भवन की नींव का बारीकी से निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के सख्ती से पालन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस भवन के शीर्ष तल पर हेलीपैड की सुविधा भी विकसित की जा रही है, जो आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण किया जाए और अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर निगरानी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी को गंभीरता से लिया जाएगा। इस अवसर पर अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित मेला प्रशासन, तकनीकी टीम और संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
