हरिद्वार, 10 फरवरी। आगामी कुम्भ मेला 2027 की व्यापक तैयारियों के क्रम में मेलाधिकारी कुम्भ मेला सोनिका ने मंगलवार को बहादराबाद क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न निर्माण एवं व्यवस्थागत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन पुल का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मेलाधिकारी ने बताया कि कुम्भ मेला 2027 में देशविदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता एवं प्रभावी भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। मेला प्रशासन द्वारा सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं तथा कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित रूप से समीक्षा भी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी सोनिका ने धनौरी सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी पर पुरानी गंग नहर सायफन के डाउनस्ट्रीम में बनाए जा रहे 90 मीटर स्पान के पुल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लगभग 1659.42 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह दो लेन का कंपोजिट स्टील पुल कुम्भ मेला के दौरान यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पुल निर्माण कार्य 28 जनवरी से प्रारंभ हो चुका है, जिसे 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मेलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की सतत निगरानी की जाए तथा गुणवत्ता की समय-समय पर तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित मेला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
मेलाधिकारी के निर्देश : मेला अधिष्ठान के अधिकारी प्रतिदिन एक कार्य का करेंगे निरीक्षण
मेलाधिकारी सोनिका ने आगामी कुंभ मेला की तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के उद्देश्य से मेला अधिष्ठान स्तर पर सभी विभागों के कार्यों की नियमित निगरानी एवं समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इसके लिए मेला प्रशासन के अधिकारियों को उनके द्वारा आवंटित विभागों के अंतर्गत संचालित कार्यों में से प्रतिदिन कम से कम एक कार्य का स्थलीय निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस संबंध में मेला अधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मेला अधिष्ठान में नियुक्त अधिकारी अपने-अपने आवंटित विभागों के कार्यों का प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे तथा निरीक्षण उपरांत अपनी आख्या समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करेंगे।
