हरिद्वार, 05 फरवरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित संत सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और संत परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संत-महात्मा समाज के मार्गदर्शक होते हैं, जो सेवा, त्याग और करुणा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज को सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़कर मानवता के लिए अनुकरणीय जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। भारत माता मंदिर की स्थापना को उन्होंने सनातन परंपराओं के संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज की मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर समान कानून की स्थापना की गई है। इसके साथ ही सख्त नकल विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
कार्यक्रम को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने संत समाज को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए देश की एकता और विकास में उसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, निर्मल अखाड़े के श्रीमहंत ज्ञानदेव शास्त्री, स्वामी बालकानंद महाराज, निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोखानंद भारती, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, संघ संचालक राम गोपाल कृष्ण, प्रज्ञा भारती, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, श्रीमहंत नारायण गिरी महाराज, जूना अखाड़े के महामंत्री महेशपुरी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी, सुरेश चौहान, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, राज्य मंत्री विनय रोहिला, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित बड़ी संख्या में साधु-संत,श्रद्धालु , जनप्रतिनिधि एवं अनुयाई उपस्थित रहे।
