हरिद्वार, 9 दिसंबर। धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और क्लीन मॉडल जनपद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एचआरडीए सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैर सरकारी संस्थाओं, आश्रमों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित कर स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव लिए गए और जिम्मेदारियाँ तय की गईं।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप हरिद्वार को न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का सबसे स्वच्छ और आकर्षक धार्मिक नगर बनाना है। इसके लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ NGOs, आश्रमों, अखाड़ों, व्यापार मंडलों और सभी जनपदवासियों की सामूहिक भागीदारी अनिवार्य है।
बैठक में विभिन्न संस्थाओं को स्वच्छता के लिए जिम्मेदार क्षेत्रों की पहचान सौंपने का निर्णय लिया गया, ताकि हर स्थान पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को निर्देश दिया कि कुंभ मेला क्षेत्र और सिंचाई भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमण चिह्नित कर तत्काल हटाए जाएँ।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। कुंभ, कांवड़ और चारधाम यात्रा के दौरान यहां स्वच्छ वातावरण देना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि हर यात्री तीर्थयात्रा के साथ स्वच्छता का भी सुंदर संदेश लेकर लौटे।
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने भी सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के सुझाव साझा किए। मीडिया प्रतिनिधियों ने भी धर्मनगरी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए उपयोगी विचार प्रस्तुत किए।
बैठक में एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, SDM जितेंद्र कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित अनेक प्रसिद्ध आश्रमों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
