हरिद्वार, 5 दिसम्बर। हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर अपने प्रोफेशनलिज़्म का परिचय देते हुए एक संदिग्ध मौत की गुत्थी सिर्फ 48 घंटे में सुलझा दी। शुरू में जिस घटना को परिवारजन फांसी लगाकर आत्महत्या बता रहे थे, वह असल में एक सोची-समझी हत्या निकली।
संदिग्ध हालात में मिला शव परिवार बोला आत्महत्या, पुलिस को दिखे हत्या के निशान
2 दिसंबर को 112 पर सूचना मिली कि ग्राम धारीवाला में सुरेश (42 वर्ष) नामक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है। पुलिस टीम मौके पर पहुँची तो शव खाट पर पड़ा मिला। परिजन इसे आत्महत्या बता रहे थे, मगर गले पर निशानों ने पुलिस को शक में डाल दिया।फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम ने खोला सच, मौत का कारण फांसी नहीं, गला घोंटना
3 दिसंबर को आई रिपोर्ट में राज खुला कि आई यह आत्महत्या नहीं, हत्या थी। परिवार ने कोई तहरीर नहीं दी, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। SSP हरिद्वार ने त्वरित खुलासे के निर्देश दिए।
सबसे ज़्यादा रोने वाला ही निकला कातिल
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की नजर उस व्यक्ति पर टिक गई, जो सबसे ज़्यादा शोर मचा रहा था मृतक का भतीजा सुनील (24 वर्ष)। कड़ाई से पूछताछ में सुनील घबरा गया और सच उगल दिया। सुनील ने बताया कि चाचा सुरेश शराब पीकर आए दिन उसे गालियां देते थे, उसका अपमान करते थे और जमीन बेचने की बात करते थे। 1 दिसंबर की रात गुस्से में उसने चुन्नी से चाचा का गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में इसे आत्महत्या दिखाने के लिए शव को लटकाने की कोशिश की, पर शरीर भारी होने के कारण गिर पड़ा। सुबह उसने कहानी फैला दी चाचा जी ने फांसी लगा ली है। वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल निरीक्षण और क्रमबद्ध पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 48 घंटे में हत्या का पर्दाफाश कर आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चुन्नी भी बरामद कर ली है।
