
हरिद्वार। कनखल के एक अस्पताल का वीभत्स और निर्लज्ज कारनामा सामने आया है। जहां बुधवार की रात को एक किशोरी की मौत के बाद मृतका को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए मंगाई गई एम्बुलेंस को गार्ड ने अस्पताल परिसर में नहीं घुसने दिया। लाचार परिजन गोद में किशोरी के शव को लेकर एम्बुलेंस में पहुंचे, तब पोस्टमार्टम के लिए लेकर पहुंचे। जिसने भी इस अस्पताल की ये करतूत सुनी वह भौचक्का रह गया। वैसे तो यह अस्पताल चैरिटी का अस्पताल है लेकिन करतूत निजी अस्पतालों से भी बदतर है।
कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन बंगाली अस्पताल जिंदा नही मृतकों के लिए भी काल बनता जा रहा है। हरिद्वार के कनखल की एक नाबालिग युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जिसके बाद परिजन उपचार के लिए युवती को पास के ही रामकृष्ण मिशन अस्पताल में ले गए, जहां अस्पताल के महिला और पुरूष गार्ड ने बाहर की एंबुलेंस बताते हुए उसे अंदर तक नहीं घुसने दिया गया। जिसके बाद परिजनों ने इसका विरोध किया, लेकिन अस्पताल के दोनों गार्डों ने एम्बुलेंस को अंदर नहीं जाने दिया गया। थक हार कर परिजनों को नाबालिग के शव को हाथ में लेकर बाहर तक आना पड़ा, जहां से एंबुलेंस में ले जाया गया।
इस दौरान काफी देर तक बवाल चलता रहा, लेकिन महिला गार्ड ने महाराज का हवाला देते हुए एंबुलेंस को अंदर नहीं जाने दिया। काफी देर तक परिजनों से उलझती रही, इस दौरान जब महिला गार्ड से बात नहीं संभली तो उसने पुरुष गार्ड को भी बुला लिया। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस जाने के दौरान यह गार्ड भी एंबुलेंस के आगे तक लेट गया था। विरोध के दौरान लोगों ने कहा कि यदि बंगाली अस्पताल के यही हाल रहे तो ताले लगने में देर नहीं लगेगी। इस पूरे हंगामे के बाद भी नाबालिग के शव को अस्पताल के गेट से ही एंबुलेन्स में ले जाया गया।