हरिद्वार, 4 फरवरी। तीर्थ नगरी हरिद्वार को साफ-स्वच्छ और सुंदर जनपद बनाने के उद्देश्य से आगामी 7 फरवरी को जनपद भर में मेगा सफाई अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान एक दिन एक घंटा एक साथ की थीम पर आयोजित किया जाएगा। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों, कार्यालयों तथा अधीनस्थ संस्थानों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाएं और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद की सभी 318 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए।
जिलाधिकारी ने नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडलों, जनप्रतिनिधियों एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से अपने-अपने क्षेत्रों में मेगा स्वच्छता अभियान चलाएं। इसके साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हरिद्वार को साफ-स्वच्छ जनपद बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि सभी वर्गों का सहयोग प्राप्त होता है तो हरिद्वार देश के स्वच्छ जनपदों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जनपदवासियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, व्यापार मंडलों एवं गैर-सरकारी संगठनों से अपील की है कि वे 7 फरवरी को आयोजित मेगा सफाई अभियान में पूर्ण सहयोग दें, ताकि हरिद्वार को देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर जनपद बनाया जा सके।
बैठक में इस दौरान मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद सेठ, मुख्य नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, उप जिलाधिकारी रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी लक्सर सौरभ असवाल ,जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, सहायक परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका, नगर पंचायत के अधिकारी, जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
