हरिद्वार, 13 फरवरी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के बेरोजगार युवाओं, किसानों एवं कमजोर वर्ग के लोगों को स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत प्राथमिकता से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक में उन्होंने बैंक प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों से प्राप्त ऋण आवेदनों पर अनावश्यक आपत्तियां न लगाई जाएं और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अनुपस्थित बैंक प्रबंधकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने लीड बैंक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के निकट है, ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय से लंबित आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत कर लाभार्थियों तक ऋण पहुंचाएं।
ऋण जमा अनुपात (CD Ratio) की समीक्षा के दौरान 40 प्रतिशत से कम अनुपात वाली शाखाओं को कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अधिक ऋण वितरण कर लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले आंकड़ों में किसी प्रकार की भिन्नता न हो, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
पीएमएफएमई योजना में लक्ष्य पूर्ति न होने और बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिला उद्यान अधिकारी का फरवरी माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सभी बैंक शाखाओं को एसएमएस, पोस्टर और बैनर के माध्यम से ग्राहकों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में डीडीएम नाबार्ड अखिलेश डबराल, निदेशक आरसीटी शिव कुमार, महाप्रबंधक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी, जिला कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग गरिमा मिश्रा, गोपाल कुमार, आरएफसी अभिषेक कुमार सहित संबंधित अधिकारी विभिन बैंकों के शाखा प्रबन्धक, प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।
