हरिद्वार, 8 नवंबर। पुरानी कहावत है जब बाढ़ खेत को खाने लग जाए तो क्या ही कहने, यह कहावत सत्तारूढ़ पार्टी के दो नेताओं पर बिल्कुल सटीक बैठती है। यह पहला मामला नहीं है ऐसे मामलों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है, उन मामलों का जिक्र भी होगा। बहरहाल पहले इस मामले की बात करते हैं, मामला कुछ यूं है की हरिद्वार के एक भाजपा नेता की मुलाकात देहरादून के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने एक व्यक्ति से कराई, तो उस व्यक्ति ने हरिद्वार के भाजपा नेता को झांसे में लेकर उससे ₹5 लाख का निवेश करवा दिया। जब काफी लंबे समय तक कोई परिणाम नहीं आया तो हरिद्वार के भाजपा नेता ने रकम वापस मांगी तो सामने वाला टाल मटोल करने के साथी धमकी भी देने लगा। तब मजबूरन भाजपा नेता की पत्नी ने नगर कोतवाली में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
हुआ यूँ कि हरिद्वार के भाजपा नेता भोला शर्मा की पत्नी नीलम शर्मा, निवासी मायापुर (निरंजनी अखाड़ा), से एक व्यक्ति सौरव मित्रा ने खुद को “महिला सारथी योजना” का अधिकारी बताकर ₹5 लाख का निवेश करवा लिया।
योजना का झांसा
आरोपी ने कहा कि यह योजना 8 मार्च 2025 को उत्तराखण्ड सरकार द्वारा शुरू की गई है। इसमें गरीब महिलाओं को 100 गाड़ियाँ दी जानी थीं। निवेश पर 7% मुनाफ़ा देने का वादा किया गया। कार्यालय और वाहन खड़ा करने के लिए जगह होने की भी शर्त बताई गई। भाजपा नेता को विश्वास दिलाने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी और मंत्री रेखा आर्य के साथ अपने फोटो दिखाए।दे
देहरादून के भाजपा नेता का रोल
भाजपा नेता भोला शर्मा ने बताया कि देहरादून के एक वरिष्ठ भाजपा नेता रावत ने ही उनकी मुलाकात आरोपी सौरव मित्रा से कराई थी ।ठगी का पता चलने के बाद उन्होंने रावत से बार-बार बात की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिलता रहा। जब पैसे भी वापस नहीं मिले और आरोपी ने धमकाना शुरू किया, तब जाकर मुकदमा दर्ज कराया गया। नगर कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकी के तहत संज्ञेय अपराध दर्ज किया गया है।
