हरिद्वार। हर वर्ष मनाया जाने वाला विश्व किडनी दिवस इस वर्ष 12 मार्च को सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य: लोगों की देखभाल, पृथ्वी की रक्षा थीम के साथ मनाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य किडनी से जुड़ी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना और सभी के लिए किडनी उपचार की समान पहुंच सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार किडनियां शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं जो रक्त से विषैले पदार्थ और अतिरिक्त तरल को बाहर निकालती हैं, रक्तचाप नियंत्रित करती हैं तथा शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखती हैं। किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आज क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) तेजी से बढ़ रही है और लगभग हर 100 में से 15–20 लोग किसी न किसी स्तर पर इससे प्रभावित हैं। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय रोग इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।
फोर्टिस अस्पताल समूह, एनसीआर के चेयरमैन नेफ्रोलॉजी एवं किडनी प्रत्यारोपण प्रोफेसर (डॉ.) संजीव गुलाटी ने बताया कि किडनी रोग की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से परहेज और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किडनी स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए टिकाऊ स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता के माध्यम से ही किडनी रोग के बढ़ते खतरे को कम किया जा सकता है।
