हरिद्वार 1 अक्टूबर। डिलीवरी पेन से तड़पती महिला को महिला अस्पताल में भर्ती न करने वाली महिला डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मीडिया में खबरें छापने के बाद इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही थी जिसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर डॉक्टर सलोनी पथी को निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर की कार्यशैली को संवेदनहीन मानते हुए शासन को पत्र प्रेषित किया है कि उक्त चिकित्सक की सेवा नवीनिकरण न की जाए।

बताते चलें कि महिला अस्पताल का में डॉक्टर के सामने गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही लेकिन डॉक्टर ने उसे देखना भी गवारा नहीं समझा। इतना ही नहीं बल्कि डॉक्टर ने आशा कार्यकर्त्ता को महिला को अस्पताल से ले जाने के लिए भी मजबूर किया और धमकाने के बाद उसके मोबाइल से दर्द से तड़प रही महिला के फोटो और वीडियो भी डिलीट करा दिए। मजबूर गर्भवती महिला ने आशा कार्यकर्त्ता के सहयोग से एक बिटिया को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद डॉक्टर ने अपनी गर्दन बचाने के लिए महिला को भर्ती कर लिया। महिला चिकित्सक की कार्यशैली को संवेदनहीन मानते हुए उन्हे निलंबित कर दिया गया है।
