यह घटना दोस्ती, नशे और लालच के खतरनाक मेल की भयावह तस्वीर पेश करती है…
हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र से सामने आई यह घटना दोस्ती, नशे और लालच के खतरनाक मेल की भयावह तस्वीर पेश करती है। महज डेढ़ लाख रुपये के कर्ज से बचने के लिए एक युवक ने अपने ही जिगरी दोस्त की नृशंस हत्या कर दी। हरिद्वार पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
24 दिसंबर को रायवाला निवासी 25 वर्षीय सहजल उर्फ साहिल भदौरिया अपने दोस्त के साथ घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों की शिकायत पर कोतवाली ज्वालापुर में गुमशुदगी दर्ज की गई। 30 दिसंबर को लालपुल ज्वालापुर के पास झाड़ियों में सहजल का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम और परिजनों की तहरीर के बाद मामला हत्या में तब्दील हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने जब मामले की कड़ियां जोड़ीं तो चौंकाने वाला सच सामने आया। आरोपी आर्य गिरी, जो मृतक का पुराना दोस्त और नशे का साथी था, ने पूछताछ में कबूल किया कि वह सहजल को डेढ़ लाख रुपये देने से बचना चाहता था। इसी लालच में उसने एविल और स्मैक मिलाकर नशे की खतरनाक हेवी डोज तैयार की। पहले थोड़ी मात्रा खुद ली और बाकी पूरी डोज सहजल को इंजेक्शन के जरिए दे दी।
आरोपी को मालूम था कि इतनी अधिक मात्रा जानलेवा साबित होगी। सहजल के बेहोश होकर गिरते ही आरोपी डर के मारे उसकी स्कूटी लेकर फरार हो गया और बाद में पूछताछ के दौरान भी सच छिपाता रहा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर नशे में प्रयुक्त इंजेक्शन, सिरिंज और अन्य सामग्री बरामद की।
यह घटना न केवल दोस्ती को शर्मसार करती है, बल्कि नशे के बढ़ते जाल और लालच की घातक सोच पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हरिद्वार पुलिस की तत्परता से आरोपी अब कानून के शिकंजे में है, लेकिन एक परिवार का उजड़ा चिराग समाज को गहरी सीख दे गया है।
