निर्देशों के अनुपालन में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित ग्राम पंचायतों में पहुंचकर 100 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले रहे। जांच में 65 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जबकि केवल 35 दुकानों का संचालन सही पाया गया।
जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य ने बताया कि अनियमितता पाए जाने पर 65 राशन डीलरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से अब तक केवल 30 डीलरों ने ही अपना जवाब प्रस्तुत किया है, जबकि 35 डीलरों का जवाब अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। प्राप्त जवाबों में भी कई डीलरों की सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सभी जवाब प्राप्त होने के बाद पत्रावली जिलाधिकारी को भेजी जाएगी और दोषी पाए जाने वाले डीलरों पर कठोर कार्रवाई तय है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कीमत पर उपभोक्ताओं के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राशन दुकानों का समय पर संचालन और मानक के अनुसार राशन वितरण अनिवार्य होगा। यह कार्रवाई न केवल लापरवाह डीलरों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन का सख्त संदेश भी है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता पर अब सीधी कार्रवाई होगी।
