हरिद्वार, 30 जनवरी। जिला गंगा संरक्षण समिति की 69वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में संपन्न हुई। बैठक में गंगा की स्वच्छता, एसटीपी संचालन, नालों के प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने जल संस्थान हरिद्वार एवं पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागों द्वारा संचालित एसटीपी की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 14 एमएलडी एसटीपी सराय और 33 एमएलडी एसटीपी सलियर की जिम्मेदार फर्मों पर कार्यवाही कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
नगर निगम हरिद्वार को निर्देशित किया गया कि गौशालाओं और डेयरियों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट की प्रभावी व्यवस्था की जाए तथा नालियों में गोबर या भूसा डालने वालों पर चालानी कार्यवाही की जाए। साथ ही कस्साबान नाले का माह में दो बार औचक निरीक्षण कर किसी भी अवैध गतिविधि पर एनजीटी के निर्देशों के अनुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने हरकी पौड़ी क्षेत्र सहित चमकादड़ टापू, दूधियाबंध और दक्षिण काली माता मंदिर के आसपास हुए अतिक्रमणों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलों पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जाए।
उन्होंने नगर निगम और सभी विभागों को निर्देशित किया कि किसी भी दशा में गंगा में गंदा पानी या कचरा न पहुंचे। उचित प्रबंधन के साथ जनजागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, एडीएम दीपेंद्र सिंह नेगी, एसीपी जितेंद्र चौधरी, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, नगर निगम आयुक्त ऋषभ उनियाल, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा रावत, समिति के सदस्य रामेश्वर गौड़ ,मनोज निषाद,एडवोकेट हिमांशु सरीन,अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार एवं सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहें।
