हरिद्वार, 23 मार्च। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। मेलाधिकारी सोनिका ने सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। बैठक में अस्थायी व्यवस्थाओं से जुड़े कार्यों के आगणन शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मेलाधिकारी ने कहा कि हर प्रस्ताव तर्कसंगत और आवश्यक होना चाहिए, ताकि अनावश्यक खर्च और कार्यों की पुनरावृत्ति से बचा जा सके। उन्होंने वर्ष 2021 के कुंभ मेले की बची सामग्री का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। कार्य प्रगति की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए हर पखवाड़े समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इन बैठकों में अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, जो अपने-अपने कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे। मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। साथ ही, निर्माण स्थलों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने और श्रमिकों की दैनिक उपस्थिति व प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गुणवत्ता नियंत्रण के लिए थर्ड पार्टी एजेंसियों से नियमित जांच कराने पर भी बल दिया गया। सीसीआर-2 भवन समेत बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए दो पालियों में कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि समय पर तैयारियां पूरी होने से कुंभ मेला 2027 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सकेगा। बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मनजीत सिंह गिल, टेक्निकल सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, अनुभव नौटियाल, पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
