हरिद्वार, 5 जनवरी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला योजना, राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों तथा उनके सापेक्ष व्यय की गई धनराशि की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला योजना एवं राज्य सेक्टर के अंतर्गत जो भी निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, उन्हें गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण करते हुए स्वीकृत धनराशि का तत्परता से व्यय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विकास खंडों की न्याय पंचायतों में आयोजित किए जा रहे “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बहुउद्देशीय शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं का लाभ उठा सकें।
सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम, जिला पंचायत, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी भूमि एवं परिसंपत्तियों से तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बिना अनुमति सरकारी संपत्तियों पर पोस्टर, बैनर एवं स्लोगन चस्पा करने वालों के विरुद्ध नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।
स्वच्छ और सुंदर हरिद्वार के लिए सफाई अभियान में तेजी
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित एवं प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही किए जा रहे सफाई कार्यों की जानकारी ग्रुप के माध्यम से साझा करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
कोहरे और शीतलहर के दृष्टिगत विशेष निर्देश
घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को सतर्क रहने, वाहनों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर लगाने, ओवरलोडिंग एवं तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही शीतलहर के प्रकोप से गरीब, निराश्रित एवं श्रद्धालुओं को बचाने के लिए प्रमुख स्थलों पर निरंतर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, अधीक्षण अभियंता डी.पी. सिंह, एआरटीओ नेहा झा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
