हरिद्वार, 20 मार्च। उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से जारी उत्तरजीवि (वारिसान) प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें श्रीमती बोहती देवी, निवासी जगजीतपुर कनखल, ने प्रमाण पत्र की जांच की मांग की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोहती देवी ने 18 मार्च 2025 को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके नाम को गलत तरीके से उत्तरजीवि प्रमाण पत्र से हटा दिया गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने तहसीलदार हरिद्वार को जांच के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि स्वर्गीय रंजीव सिंह की मृत्यु के बाद जारी प्रारंभिक प्रमाण पत्र (04 मई 2024) में बोहती देवी का नाम वारिसान के रूप में शामिल था। हालांकि, बाद में 14 नवंबर 2024 को जारी नए प्रमाण पत्र में उनका नाम हटा दिया गया, जो जांच में त्रुटिपूर्ण और भ्रामक पाया गया। तहसीलदार की आख्या के आधार पर एसडीएम ने उक्त प्रमाण पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी दस्तावेजों में गलत जानकारी देना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
